सभी ग्रामीण डाक सेवको से निवेदन है की १० मार्च २०१५ से शुरू ही रही अनिश्चितकालीन हड़ताल में बढ़-चढ कर भाग ले |
यह हड़ताल अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के आह्वान पर आयोजित की गयी है, आप सभी को जानकार हैरानी होगी की इस हड़ताल के सम्बन्ध में जो पत्र हमारी मांगो को लेकर सरकार को भेजा गया था उसके सम्बन्ध में जो पत्र हमारी यूनियन के सचिव को संचार मन्त्रालय से प्राप्त हुआ है उसमे हमे रेगुलर कर्मचारी का दर्जा न देने का स्पष्ट उल्लेख किया गया है
अतः यह हड़ताल हमने नहीं बल्की सरकार ने हमे करने को मजबूर किया है
(एक मां भी बच्चे को तब तक दूध नहीं पिलाती जब तक वह रोता नहीं इसी प्रकार जब हम डाक बिभाग के लिए जी जान से काम करते हुए भी नियमित कर्मचारी का दर्जा न पा जाये, तो इस न्यायोचित मांग के लिए हमे हड़ताल करनी ही होगी )
यह हड़ताल अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के आह्वान पर आयोजित की गयी है, आप सभी को जानकार हैरानी होगी की इस हड़ताल के सम्बन्ध में जो पत्र हमारी मांगो को लेकर सरकार को भेजा गया था उसके सम्बन्ध में जो पत्र हमारी यूनियन के सचिव को संचार मन्त्रालय से प्राप्त हुआ है उसमे हमे रेगुलर कर्मचारी का दर्जा न देने का स्पष्ट उल्लेख किया गया है
अतः यह हड़ताल हमने नहीं बल्की सरकार ने हमे करने को मजबूर किया है
(एक मां भी बच्चे को तब तक दूध नहीं पिलाती जब तक वह रोता नहीं इसी प्रकार जब हम डाक बिभाग के लिए जी जान से काम करते हुए भी नियमित कर्मचारी का दर्जा न पा जाये, तो इस न्यायोचित मांग के लिए हमे हड़ताल करनी ही होगी )
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